किशमिश खाने के फायदे: 10 फायदे, भीगी किशमिश और सही मात्रा

Chiranjiv Singh
Black raisins and soaked golden raisins

Written & Researched By Chiranjiv Singh (Content Researcher & Nutrition Writer) 

Reviewed By Aishwarya Natarajan (M.Sc, Food Science & Technology)

यह लेख सामान्य जानकारी के लिए है; किसी भी स्वास्थ्य समस्या में डॉक्टर से सलाह लें।

सुबह की भागदौड़ में नाश्ता छूटना, दोपहर तक थकान और शाम होते ही कुछ मीठा खाने की तलब। ज्यादातर भारतीय घरों की यही कहानी है। ऐसे में मुट्ठी भर किशमिश छोटी सी आदत है जो बड़ा फर्क डाल सकती है। दादी नानी रात को इसे भिगोकर रखती थीं। किशमिश खाने के फायदे सिर्फ मीठे स्वाद तक सीमित नहीं हैं, इसमें आयरन, पोटैशियम, फाइबर, बोरॉन और एंटीऑक्सीडेंट का अच्छा मेल मिलता है। नीचे दस असली फायदे, भिगोने का तरीका, सही मात्रा, पोषण तालिका और वो नुकसान भी मिलेंगे जिनकी बात कम होती है।

किशमिश खाने के फायदे: 10 बड़े फायदे

किशमिश सूखा हुआ अंगूर है, इसलिए अंगूर के पोषक तत्व इसमें गाढ़े रूप में जमा हो जाते हैं। यही वजह है कि यह खून की कमी, कब्ज, कमजोर हड्डियों, बढ़े रक्तचाप और सुस्ती जैसी आम दिक्कतों में मदद कर सकती है। दस फायदे विस्तार से देखिए।

1. खून की कमी में मदद: आयरन और हीमोग्लोबिन

किशमिश आयरन का अच्छा पौधा आधारित स्रोत है और आयरन हीमोग्लोबिन बनाने के काम आता है। थकान, चक्कर या पीलापन महसूस करने वालों की डाइट में यह आसानी से जुड़ जाती है। खून बढ़ाने के लिए किशमिश कैसे खाएं, इसका जवाब है कि रात भर भिगोकर सुबह लें और साथ में संतरा या आंवला रखें, क्योंकि विटामिन सी आयरन का अवशोषण बेहतर करता है। एनीमिया में यह इलाज नहीं, सहारा है। पढ़ें: खून की कमी में कौन से ड्राई फ्रूट्स खाएं। आयरन की जरूरत पर जानकारी NIH की वेबसाइट पर है।

2. पाचन दुरुस्त और कब्ज से राहत

इसमें घुलनशील और अघुलनशील, दोनों तरह का फाइबर होता है, जो मल को नरम बनाकर पेट साफ करने में मदद कर सकता है। भिगोई हुई किशमिश का असर सूखी के मुकाबले जल्दी दिखता है। रोज सुबह 10 से 15 दाने और भरपूर पानी, इतनी सी आदत काफी है। संवेदनशील पेट वाले कम मात्रा से शुरू करें। और विकल्प देखें: पेट और पाचन के लिए ड्राई फ्रूट्स

3. हड्डियों की मजबूती: बोरॉन और कैल्शियम

किशमिश उन गिने चुने खाद्य पदार्थों में है जिनमें बोरॉन मिलता है। बोरॉन शरीर को कैल्शियम और विटामिन डी का बेहतर इस्तेमाल करने में मदद करता है, और कैल्शियम भी इसमें मौजूद है। मेनोपॉज के बाद और 50 पार की उम्र में हड्डियों का घनत्व घटने लगता है, ऐसे में दूध, तिल और किशमिश डाइट में जगह बना सकते हैं। जोड़ों के दर्द में यह दवा की जगह नहीं ले सकती, इसे साथ चलने वाली आदत मानिए।

4. रक्तचाप को संतुलित रखने में मदद

इसमें पोटैशियम अच्छी मात्रा में है और सोडियम बहुत कम। यही संतुलन शरीर से अतिरिक्त नमक निकालने और रक्त वाहिकाओं को ढीला रखने में मदद कर सकता है, जिससे रक्तचाप संभलता है। बीपी की दवा लेने वाले मात्रा डॉक्टर से पूछकर तय करें, क्योंकि पोटैशियम की अधिकता कुछ दवाओं के साथ ठीक नहीं बैठती। नमकीन नाश्ते की जगह मुट्ठी भर किशमिश आसान बदलाव है। आगे पढ़ें: ब्लड प्रेशर के लिए ड्राई फ्रूट्स

5. इम्युनिटी को सहारा

इसमें पॉलीफेनोल और दूसरे एंटीऑक्सीडेंट होते हैं, जो कोशिकाओं को फ्री रेडिकल्स के नुकसान से बचाने में भूमिका निभाते हैं। किशमिश में कौन सा विटामिन होता है, यह सवाल यहीं जुड़ जाता है, क्योंकि इसमें विटामिन सी थोड़ी मात्रा में और विटामिन के तथा बी6 कम मात्रा में रहते हैं। मौसम बदलने पर बार बार सर्दी जुकाम होने वालों के लिए यह डाइट का छोटा हिस्सा बन सकती है। याद रहे, इम्युनिटी नींद और पानी से भी उतनी ही जुड़ी है।

6. तुरंत मिलने वाली एनर्जी

इसकी नेचुरल शुगर, यानी ग्लूकोज और फ्रुक्टोज, शरीर को जल्दी ऊर्जा देती है। इसीलिए जिम या मेहनत वाले काम से पहले यह अच्छा नाश्ता मानी जाती है। किशमिश खाने के फायदे पुरुषों के लिए इसी वजह से अक्सर गिनाए जाते हैं, क्योंकि शारीरिक मेहनत करने वालों को कम मात्रा में ज्यादा कैलोरी चाहिए होती है। बच्चों के टिफिन में चॉकलेट की जगह इसे रखना भी समझदारी है। बस दिनभर चबाते न रहें।

7. त्वचा में निखार

एंटीऑक्सीडेंट त्वचा की कोशिकाओं को होने वाले नुकसान को धीमा करने में मदद कर सकते हैं, और आयरन तथा बेहतर पाचन का असर भी चेहरे पर दिखता है। महिलाओं के लिए किशमिश के फायदे इसी वजह से चर्चा में रहते हैं, खासकर उन दिनों में जब आयरन की कमी से त्वचा फीकी लगने लगती है। पानी की कमी, कम नींद और तनाव का असर किसी ड्राई फ्रूट से नहीं मिटेगा। रोज थोड़ी मात्रा, लगातार कई हफ्ते, यही काम करता है।

8. बालों की सेहत

बालों की जड़ों तक पोषण पहुँचाने के लिए खून का सही प्रवाह और पर्याप्त आयरन जरूरी है। आयरन की कमी बाल झड़ने की एक आम वजह मानी जाती है, और किशमिश उसे पूरा करने में थोड़ा योगदान दे सकती है। इसमें मौजूद विटामिन सी कोलेजन बनने से जुड़ा है, जो बालों और त्वचा दोनों के लिए मायने रखता है। बाल तेजी से झड़ रहे हों तो थायरॉइड और आयरन की जाँच करवाइए।

9. आँखों के लिए फायदेमंद

इसमें मौजूद पॉलीफेनोलिक एंटीऑक्सीडेंट आँखों की कोशिकाओं को ऑक्सीडेटिव नुकसान से बचाने में भूमिका निभा सकते हैं। उम्र के साथ आँखों पर पड़ने वाला दबाव पूरी डाइट से जुड़ा होता है, जिसमें हरी सब्जियाँ, गाजर और ड्राई फ्रूट्स शामिल हैं। स्क्रीन पर लंबा काम करने वालों के लिए बीच बीच में आँखें झपकाना और दूर देखना भी जरूरी है। किशमिश को इस तस्वीर का एक हिस्सा मानिए, पूरा समाधान नहीं।

10. दांतों और मसूड़ों की सुरक्षा

किशमिश में कुछ प्राकृतिक यौगिक होते हैं जो मुँह में कैविटी बढ़ाने वाले बैक्टीरिया की बढ़त रोकने में मदद कर सकते हैं। पर दूसरा पहलू भी है, यह चिपचिपी होकर दांतों के बीच फँस जाती है। इसलिए खाने के बाद कुल्ला करना या पानी पीना जरूरी है, खासकर बच्चों के मामले में। रात को सोने से ठीक पहले सूखी किशमिश चबाकर बिना कुल्ला किए सो जाना सबसे खराब आदत है।

भीगी किशमिश खाने के फायदे

Soaked golden raisins and munakka

भिगोने से किशमिश नरम होती है, उसका फाइटिक एसिड कम होता है और आयरन तथा पोटैशियम बेहतर तरीके से अवशोषित हो पाते हैं। पेट पर बोझ भी कम पड़ता है। इसीलिए परंपरागत रूप से इसे रात भर पानी में रखा जाता रहा है।

8 से 10 दाने आधा कप साफ पानी में 6 से 8 घंटे भिगोइए। रात को भीगी किशमिश सुबह खाने के फायदे सबसे ज्यादा उन्हें मिलते हैं जिन्हें कब्ज रहती है या आयरन की कमी है। दिन में भिगोकर शाम को खाना भी ठीक है।

किशमिश का पानी पीने के फायदे अलग से गिने जाते हैं, क्योंकि उसमें घुलनशील पोषक तत्व उतर आते हैं। उसे फेंकिए मत, गुनगुना करके पी लीजिए। भीगी किशमिश खाने के फायदे तभी टिकते हैं जब यह रोज की आदत बने।

किशमिश खाने का सही तरीका और समय

सुबह खाली पेट भिगोई हुई किशमिश सबसे असरदार तरीका माना जाता है। दूसरा अच्छा समय है वर्कआउट से 30 मिनट पहले, तीसरा शाम की चाय के साथ मीठे बिस्किट की जगह। रात को देर से खाने से बचें।

खाली पेट किशमिश खाने के फायदे इसलिए गिनाए जाते हैं, क्योंकि पेट खाली होने पर अवशोषण बेहतर होता है। एसिडिटी वाले इसे नाश्ते के साथ लें, अकेले नहीं। किशमिश खाने का सही तरीका और समय हर दिनचर्या में थोड़ा बदलता है, दो हफ्ते आजमाकर देखिए।

वजन बढ़ाने के लिए किशमिश कैसे खाएं, यह दुबले लोग अक्सर पूछते हैं। तरीका है रात को गर्म दूध के साथ 15 से 20 दाने, या घी में भूनकर केले के साथ। असली किशमिश खाने के फायदे तब मिलते हैं जब इसे संतुलित डाइट में जोड़ा जाए।

रोज कितनी किशमिश खानी चाहिए

स्वस्थ वयस्कों के लिए दिन में 20 से 30 दाने, यानी लगभग 15 ग्राम, पर्याप्त और सुरक्षित माने जाते हैं। बच्चों और बुजुर्गों के लिए मात्रा इससे कम रखें। रोज कितनी किशमिश खानी चाहिए, यह उम्र, वजन, गतिविधि और शुगर लेवल पर निर्भर करता है।

कौन

रोजाना मात्रा

लगभग वजन

बच्चे (4 से 10 साल)

8 से 10 दाने

5 ग्राम

वयस्क

20 से 30 दाने

12 से 15 ग्राम

बुजुर्ग

10 से 15 दाने

6 से 8 ग्राम

प्रेगनेंसी

15 से 20 दाने

8 से 10 ग्राम

प्रेगनेंसी में किशमिश खाने के फायदे आयरन, फोलेट और फाइबर से जुड़े हैं, पर मात्रा अपनी डॉक्टर से पूछकर तय करें। जरूरत से ज्यादा मात्रा सीधे किशमिश के नुकसान की वजह बनती है, इसलिए मुट्ठी भरने के बजाय गिनकर निकालिए। भारतीय पोषण सलाह ICMR के नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ न्यूट्रिशन की सामग्री में देखी जा सकती है। गुणवत्ता भी मायने रखती है, इसलिए क्रंचो की प्रीमियम किशमिश जैसी साफ और भरोसेमंद किस्म चुनें।

किशमिश में कौन सा विटामिन होता है

इसमें विटामिन सी, विटामिन के, विटामिन बी6 और फोलेट कम से मध्यम मात्रा में मिलते हैं। असली ताकत खनिजों में है, खासकर आयरन, पोटैशियम, कैल्शियम और मैग्नीशियम में। किशमिश में कौन सा विटामिन होता है, इसका पूरा ब्योरा नीचे की तालिका में देखिए।

पोषक तत्व (प्रति 100 ग्राम)

मात्रा

ऊर्जा

लगभग 299 कैलोरी

कार्बोहाइड्रेट

79 ग्राम

नेचुरल शुगर

59 ग्राम

फाइबर

3.7 ग्राम

प्रोटीन

3.1 ग्राम

फैट

0.5 ग्राम

आयरन

1.88 मिलीग्राम

पोटैशियम

749 मिलीग्राम

कैल्शियम

50 मिलीग्राम

मैग्नीशियम

32 मिलीग्राम

विटामिन सी

2.3 मिलीग्राम

विटामिन बी6

0.17 मिलीग्राम

विटामिन के

3.5 माइक्रोग्राम

फोलेट

5 माइक्रोग्राम

ये मान USDA FoodData Central के डेटाबेस पर आधारित हैं और किस्म तथा नमी के हिसाब से थोड़े ऊपर नीचे हो सकते हैं।

काली किशमिश के फायदे

काली किस्म में एंथोसायनिन नाम के एंटीऑक्सीडेंट ज्यादा होते हैं और आयरन भी सुनहरी किस्म से बेहतर माना जाता है। स्वाद में यह खट्टी मीठी और आकार में छोटी रहती है। खून की कमी और बालों की समस्या में अक्सर इसी की सलाह दी जाती है।

तुलना

काली किशमिश

सुनहरी किशमिश

मुनक्का

आयरन और एंटीऑक्सीडेंट

सबसे ज्यादा

मध्यम

ज्यादा

स्वाद और आकार

खट्टा मीठा, छोटा

मीठा, हल्का रंग

गहरा मीठा, बड़ा, बीज सहित

किसके लिए बेहतर

खून की कमी, बाल, त्वचा

बच्चों का स्वाद, मिठाई

कब्ज, खांसी, कमजोरी

खाने का तरीका

भिगोकर सुबह

ऐसे ही या दलिया में

रात को दूध के साथ

काली किशमिश के फायदे लेने के लिए इसे रात भर भिगोना सबसे अच्छा रहता है। तीनों में से कोई एक चुनने की जरूरत नहीं, बदल बदलकर खाना ज्यादा समझदारी है।

किशमिश के नुकसान

सबसे बड़ा नुकसान मात्रा से जुड़ा है। 100 ग्राम में लगभग 299 कैलोरी और 59 ग्राम नेचुरल शुगर होती है, इसलिए बार बार मुट्ठी भरने से कैलोरी तेजी से जुड़ती है। किशमिश खाने से वजन बढ़ता है क्या, इसका जवाब यही है कि तय मात्रा में नहीं, पर बेहिसाब खाने पर जरूर बढ़ सकता है।

दूसरा पहलू शुगर का है। इसका ग्लाइसेमिक इंडेक्स मध्यम श्रेणी में आता है, इसलिए डायबिटीज वाले मात्रा सीमित रखें और अकेले खाने के बजाय मेवे या दही के साथ लें। तीसरा, यह चिपचिपी होकर दांतों में फँसती है और कैविटी की वजह बन सकती है।

चौथा, कुछ लोगों को सल्फाइट से एलर्जी होती है, जो सूखे मेवों में परिरक्षक के तौर पर लगता है। खुजली, छींक या साँस में भारीपन हो तो तुरंत बंद करके डॉक्टर को दिखाएं। ज्यादातर किशमिश के नुकसान मात्रा और गुणवत्ता पर ध्यान न देने से आते हैं। किशमिश खाने का सही तरीका और समय अपनाने से ये दिक्कतें काफी हद तक टल जाती हैं।

निष्कर्ष

छोटी सी किशमिश रोज की डाइट में आसान और सस्ता सुधार है। खून, पाचन, हड्डियाँ, रक्तचाप और एनर्जी, इन सब पर असर धीरे धीरे दिखता है, बशर्ते मात्रा सही हो। किशमिश खाने के फायदे किसी चमत्कार का वादा नहीं करते, ये अच्छी दिनचर्या को सहारा देते हैं। रात को भिगोइए, सुबह खाइए, और गिनकर खाइए। घर में अच्छी गुणवत्ता का स्टॉक रखना हो तो हमारा ड्राई फ्रूट्स कलेक्शन एक बार देख लीजिए।

Back to blog